कन्हैया किसको कहेगा तू मैया ?

सुन रे कन्हैया, किसको कहेगा तू मैया ?

जिसने तुझको जनम दिया या जिसने तुझको पला ?

भगवान कृष्ण का जन्म माता देवकी द्वारा हुआ, लेकिन माता यशोदा ने उनको पाला, तो अब सवाल यह है कि उनकी मां कौन है ?

हम अक्सर सोचते हैं,”मेरी माँ, मेरे पिताजी, मेरे बेटे, मेरी बेटी, मेरे पति, मेरी पत्नी”,और इस “मेरी-मेरी” बातो में जीवन बीत जाती है,

लेकिन जब हम पीछे मुड़कर देखते हैं, तो पाते हैं कि बहुत सारे लोग हैं, जिन्होंने हमारी मदद की, उनके बिना हम कुछ नहीं कर सकते थे,

लेकिन हमारा जीवन “मेरा-मेरा” करने में चला जाता है, हम अपने खून के रिश्ते को कई मौके देते हैं, भले ही उन्होंने कितनी भी गलती की हो और जो हमारा खून का रिश्ता नहीं है, उनका एक भी गलती को स्वीकार नहीं करते.

हम इंसानियत से ज्यादा खून के रिश्तों को अहमियत देते हैं और यकीन मानिए अरबों रोए हैं इस “मेरी-मेरी” मे, कि मेरे खून के रिश्ते ने मेरे साथ ऐसा कैसे किया ?
हम इंसानियत की बात क्यों नहीं करते और उन लोगों का सम्मान करते, जो अच्छे हैं ,चाहे वे खून के रिश्ते में हों या नहीं ?